मध्यप्रदेश में ICU विशेषज्ञों की कमी पर चिंता, डॉक्टरों ने बेहतर ट्रेनिंग और आधुनिक तकनीक पर दिया जोर

 

मध्यप्रदेश में ICU विशेषज्ञों की कमी पर चिंता, डॉक्टरों ने बेहतर ट्रेनिंग और आधुनिक तकनीक पर दिया जोर



भोपाल। मध्यप्रदेश में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्रशिक्षित ICU विशेषज्ञों की कमी को लेकर डॉक्टरों ने चिंता जताई है। भोपाल में आयोजित MP Criticon 1.0 सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कहा कि क्रिटिकल केयर में योग्य डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना जरूरी है, ताकि गंभीर मरीजों के इलाज और उनकी सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके।

160 से ज्यादा डॉक्टर और विशेषज्ञ हुए शामिल

दो दिवसीय सम्मेलन में प्रदेशभर से 160 से ज्यादा डेलीगेट्स शामिल हुए। इसमें ICU मैनेजमेंट, गंभीर मरीजों के इलाज, विशेषज्ञ प्रशिक्षण और आधुनिक ICU तकनीकों पर चर्चा की गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में ICU संचालन के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित विशेषज्ञों की उपलब्धता एक चुनौती बनी हुई है।

वेंटिलेटर से लेकर आधुनिक मॉनिटरिंग तक ट्रेनिंग

सम्मेलन के दौरान डॉक्टरों के लिए प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेशन भी आयोजित किए गए। भोपाल के अलग-अलग अस्पतालों में POCUS, वेंटिलेटर मैनेजमेंट और हेमोडायनामिक मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

इसके अलावा ICU में संक्रमण नियंत्रण और नियमित सफाई को भी मरीजों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

ICU सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत

मध्यप्रदेश में ICU विशेषज्ञों की कमी की चर्चा ऐसे समय में हुई है जब सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता पहले से ही एक चुनौती है। अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी अस्पतालों में स्वीकृत विशेषज्ञ डॉक्टरों के 4,573 पदों में से 2,581 पद खाली बताए गए थे।

MP Vaani अपडेट: विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर मरीजों के बेहतर इलाज के लिए केवल ICU बेड और उपकरण बढ़ाना ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षित क्रिटिकल-केयर विशेषज्ञों और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता भी जरूरी है।

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