मध्य प्रदेश में फिर बदला मौसम का मिजाज, अगले 4 दिन तेज बारिश के आसार; कई जिलों में अलर्ट
भोपाल। मध्य प्रदेश में सितंबर की शुरुआत के साथ मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में इसका असर ज्यादा दिखाई देने की संभावना है, जबकि आने वाले दिनों में बारिश का सिस्टम प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ सकता है।
मौसम में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी के आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र और मानसूनी ट्रफ की सक्रियता से जुड़ा बताया जा रहा है। इसके चलते कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की संभावना है।
आज इन इलाकों में ज्यादा असर
2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का जोर रहने का अनुमान है। विस्तृत मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सीधी, सतना, उमरिया, कटनी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और छतरपुर में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पन्ना, दमोह और सागर में भारी बारिश का अलर्ट बताया गया है।
भोपाल समेत प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
3 सितंबर को भोपाल-ग्वालियर संभाग पर नजर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 3 सितंबर को बारिश का प्रभाव प्रदेश के दूसरे हिस्सों में बढ़ सकता है। भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इस दौरान स्थानीय स्तर पर तेज बारिश होने से निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर यातायात प्रभावित होने और बिजली व्यवस्था पर असर पड़ने जैसी स्थिति बन सकती है।
4 सितंबर को इन जिलों में बढ़ेगी बारिश
4 सितंबर को बारिश का असर मध्य प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में ज्यादा दिखाई देने का अनुमान है। राजगढ़, गुना, शिवपुरी, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, मंदसौर, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, श्योपुर, सतना, छिंदवाड़ा, सिवनी, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में भारी बारिश हो सकती है।
प्रदेश में बारिश की कमी भी होगी कम
सितंबर की शुरुआत में सक्रिय हुए इस सिस्टम से प्रदेश में बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा होने की उम्मीद है। 1 सितंबर तक मध्य प्रदेश में करीब 702.9 मिमी यानी 27.7 इंच बारिश दर्ज की गई थी, जबकि पूरे मानसून सीजन का सामान्य आंकड़ा करीब 37.3 इंच माना जाता है। सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए सितंबर में लगभग 9.6 इंच बारिश की जरूरत बताई गई थी।
हालांकि बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि कई क्षेत्रों में अभी भी कमी बनी हुई है। अगले कुछ दिनों की बारिश इन इलाकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में नदी-नालों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।
MPVaani की अपील: अगर आपके इलाके में भारी बारिश हो रही है, तो नदी, नाले या जलभराव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश न करें और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें।
फिलहाल अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में 2 से 4 सितंबर के बीच जिलेवार मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।
