भोपाल में BMC की कार्रवाई के खिलाफ व्यापारी लामबंद, बंद की चेतावनी

भोपाल में BMC की कार्रवाई के खिलाफ व्यापारी लामबंद, बंद की चेतावनी

भोपाल। राजधानी भोपाल में रहवासी इलाकों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग और बंद कराने की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और सरकार से कार्रवाई पर राहत देने की मांग की।

व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम की कार्रवाई जारी रहती है और सरकार की ओर से राहत नहीं मिलती है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल और भोपाल बंद का रास्ता अपना सकते हैं।


सीएम हाउस की ओर बढ़े व्यापारी

मंगलवार को व्यापारियों ने न्यू मार्केट क्षेत्र से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों को रोशनपुरा चौराहे के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया।

इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस और व्यापारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। पुलिस के अनुसार इस दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

व्यापारियों की क्या मांग है?

व्यापारी संगठनों का कहना है कि रहवासी क्षेत्रों में वर्षों से कारोबार कर रहे छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अचानक कार्रवाई होने से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।

व्यापारी संगठनों की प्रमुख मांगों में सीलिंग कार्रवाई पर राहत, व्यापारिक गतिविधियों के लिए स्पष्ट नीति और मास्टर प्लान को लागू करने की मांग शामिल है।

व्यापारी नेता आनंद सोनी ने कहा कि यदि सरकार राहत नहीं देती और नगर निगम की कार्रवाई जारी रहती है, तो व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल और भोपाल बंद का फैसला ले सकते हैं।

कई दुकानों और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई

नगर निगम की कार्रवाई के दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में होटल, कैफे, बेकरी, दुकान, गार्डन और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई है। कुछ कारोबारियों ने निगम की टीम पहुंचने से पहले ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए, जबकि कुछ जगहों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नगर निगम की कार्रवाई के बाद कई बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में कम कारोबार देखने को मिला और कई दुकानों के शटर बंद रहे।

निगम की कार्रवाई क्यों हो रही है?

नगर निगम का अभियान मुख्य रूप से रहवासी क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ है। निगम ऐसी गतिविधियों पर कार्रवाई कर रहा है जिन्हें संबंधित क्षेत्र के भूमि उपयोग और नियमों के अनुरूप नहीं माना जा रहा है।

नगर निगम की कार्रवाई के बीच व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से संचालित दुकानों और प्रतिष्ठानों से जुड़े लोगों के सामने अचानक कारोबार बंद होने से आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल व्यापारियों और नगर निगम के बीच गतिरोध बना हुआ है। व्यापारी संगठनों ने सरकार से हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है। यदि कार्रवाई जारी रहती है और सरकार की ओर से कोई राहत नहीं मिलती, तो व्यापारियों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल और भोपाल बंद का फैसला लिया जा सकता है।

अब सभी की नजर सरकार और नगर निगम के अगले कदम पर है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और सीलिंग कार्रवाई को लेकर कोई समाधान निकलता है या नहीं।

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